सांप्रदायिकता और भारत विभाजन

सांप्रदायिकता मूलत: एक विचारधारा है, जो यह मानती है कि किसी धर्म विशेष के लोगों के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हित समान होते हैं और दूसरे धर्म/संप्रदाय के हितों से उनका अनिवार्य टकराव होता है. किसी खास संप्रदाय के लोगों के भौतिक हित समान होते हैं – यह धारणा ही अपने आप में अवैज्ञानिक है; […]